×
भारत /

मॉब लिंचिंग के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन

Published On :    5 Jul 2019   By : MN Staff
शेयर करें:


बहुजन क्रांती मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा का जंग-ए- आंदोलन




नई दिल्ली :   कहते हैं कि भीड़ की कोई शक्ल नहीं होती. उनका कोई दीन-धर्म नहीं होता और इसी बात का फायदा हमेशा मॉब लिंचिंग करने वाली भीड़ उठाती है. पर सवाल ये है कि इस भीड़ को इकट्ठा कौन करता है? उन्हें उकसाता-भड़काता कौन है? असल में जवाब सब जानते हैं, फिर भी सब खामोश हैं. 



एक बात और है कि कानून शासक जातियों के हाथ का खिलौना बन गया है. पुलिस, अदालत और इंसाफ सिर्फ शब्द बनकर रह गये हैं. इसलिए बहुजन क्रांति मोर्चा ही एक विकल्प है जो मूलनिवासी बहुजनों को उन जालिमों से इंसाफ देने के लिए मैदान-ए-जंग का आगाज किया है.



बहुजन क्रांन्ति मोर्चा ने 05 जुलाई 2019 को राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, बामसेफ, भारत मुक्ति मोर्चा और सहयोगी संगठनों के माध्यम से मॉब लिंचिंग के खिलाफ देश में 31 राज्यों के 500 जिलों के जिला मुख्यालयों पर एक साथ देशव्यापी धरना आंदोलन किया. जिसमें भारी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. 



इस देशव्यापी आंदोलन का नजारा उस वक्त देखने को मिला जब ‘‘निकलो बाहर मकानों से, जंग लड़ो बेईमानों से’’ और ‘‘जो कौम जुल्म के खिलाफ आवाजें नहीं उठाती वह कौम लाशें उठाती है’’ आदि के नारों से पूरा देश गूंज उठा. 



इस देशव्यापी आंदोलन से जहाँ केन्द्र सरकार सकते में आ गयी तो वहीं राज्यों की सरकारों के हाथपाव फूल गये. जबकि, प्रशासन हर तरह से चौकन्ना नजर आया. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मॉब लीचिंग के विरोध में धरना प्रदर्शन के दौरान कानपुर देहात में 4 थानों के फोर्स और एक गाड़ी पीएसी तैनात किये गये थे. हालांकि यह काबिलेतारीफ ही है कि आंदोलन कर रहे उपरोक्त संगठनों के कार्यकर्ताओं में जबदस्त गुस्से का माहौल होने के बावजूद भी अनुसाशन में रहकर आंदोलन को सफल बनाया.



जो कौम जुल्म के खिलाफ आवाज नहीं उठाती वह कौम लाशें उठाती है-बहुजन क्रांति मोर्चा


बहुजन क्रांति मोर्चा के इस आंदोलन ने पूरे मूलनिवासी बहुजन समाज को एक मंच पर एक साथ आने का आवाहन करते हुए आवाज दी है. क्योंकि देश में शासक वर्ग और उनकी सरकारें मूलनिवासी बहुजनों का नरसंहार कर रही है. 


देश में गाय, गंगा, गीता, धर्म, आस्था और पाखंडवाद के नाम पर देश के एससी, एसटी, ओबीसी और मुसलमानों के साथ-साथ सिक्ख, ईसाई, बौद्ध और जैनों को कभी भीड़ का सहारा लेकर तो कभी बीफ तो कभी जाति, छुआछूत, भेदभाव और तो कभी नक्सलवाद, आतंकवाद के नाम पर उनको मौत के घाट उतारा जा रहा है. 


बाता दें कि भारत में मॉब लिंचिंग एक आम बात बन गयी है और इसके चलते कानून और संविधान को दरकिनार करके गुण्डातंत्र और तानाशाही का राज चारों तरफ दिखाई दे रहा है. हाल ही में वैश्विक शान्ति सूचकांक में भारत 141वें नम्बर पर आया है. 


ताजा आंकड़ों की कड़वी हकीकत यह है कि झारखंड की मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में कम से कम 18 मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं. इन घटनाओं में 18 लोग मारे गए, जिनमें से 11 मुसलमान थे. जबकि, 3 जुलाई 2018 के एक आंकड़े के अनुसार देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा की करीब 371 वारदातें हुईं, जिनमें से 228 मामलों में मुसलमानों के साथ हिंसा, पिटाई, हत्या आदि की गई. 


एक और चौंकाने वाली बात है कि इन सभी घटनाओं में अधिकतर भाजपा के लोगों का ही संबंध पाया गया है. इससे साबित होता है कि भाजपा और संघ परिवार के लोग ही भीड़ का सहारा लेकर मूलनिवासी बहुजनों को मौत के घाट उतार रही है.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
नहीं दूंगा एनआरसी के लिए दस्तावेज, बना लें बंदी पूर्व आईए
बीपीसीएल के निजीकरण का अधिकारियों ने विरोध किया
मोदी सरकार का एक और झूठा वादा
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा गुजरात में विफल बढ़ती भ्रूण
तरबेज अंसारी हत्या मामले में 6 आरोपियों को मिली जमानत एफआ
नागरिकता संशोधन बिल गलत दिशा में खतरनाक कदम, अमित शाह पर ल
मुस्लिम प्रोफेसर का समर्थन करने पर अनु. जाति के प्रोफेसर
नागरिकता संशोधन बिल पर भडके ओवैसी मुस्लिमों से नफरत करने
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ वैज्ञानिक व स्कॉलर्स ने खोल
‘मेक इन इंडिया’ से ‘रेप इन इंडिया’ की ओर बढ़ रहा है भारत का
नागरिकता संशोधन बिल पर वामन मेश्राम का सबसे बड़ा बयान सिट
टाफ की कमी से जूझ रहे हैं मानवाधिकार आयोग
अर्थव्यवस्था के सर्वनाश के लिए नेहरू तथा इंदिरा गांधी जि
सरकार की जेएनयू प्रशासन को सलाह वापस ले छात्रों पर लगे के
उत्तर प्रदेश में बलात्कार का मामला वापस न लेने पर चार दरि
16 दिसंबर को निर्भया के दोषियों की फांसी देने की अटकलें ते
शिवसेना ने केंद्र पर लगाया हिंदू-मुस्लिम विभाजन करने का
हैदराबाद एनकाउंटर के खिलाफ एफआईआर और जांच की मांग सुप्री
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी सह जेडीय
नागरिकता संशोधन बिल देश और संविधान का अपमान अखिलेश यादव
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper