×
भारत /

योगी सरकार ने कि अनु.जातियों, पिछड़ों और युवाओं की अनदेखी, इस्तीफा के बाद दारा सिंह ने लगाया आरोप

Published On :    13 Jan 2022   By : MN Staff
शेयर करें:


दारा सिंह चौहान ने योगी कैबिनेट से अपना इस्तीफा दे दिया है. दारा सिंह मधुबन विधानसभा सीट से विधायक हैं.



लखनऊ : यूपी में लगातार विधायकों और मंत्रियों जाने से भाजपा में खलबली मची हुई है. स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी को दुसरा बड़ा झटका लगा है. अब दारा सिंह चौहान ने योगी कैबिनेट से अपना इस्तीफा दे दिया है. दारा सिंह मधुबन विधानसभा सीट से विधायक हैं. चौहान ने राज्यपाल को भेजी चिट्ठी में योगी आदित्यनाथ सरकार पर दलितों, पिछड़ों और युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.



राज्यपाल को भेजे गए अपने इस्तीफे में दारा सिंह चौहान ने कहा है, सरकार की पिछड़ों, वंचितों, दलितों, किसानों, बेरोजगारों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के साथ-साथ पिछड़ों और दलितों के आरक्षण के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, उससे आहत होकर मैं उत्तरप्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देता हूं. इस्तीफा देने के बाद दारा सिंह ने जो कुछ कहा है, वो बीजेपी को काफी चुभ सकता है. दारा सिंह ने भी मौर्य की लाइन को दोहराते हुए कहा कि उनकी बातों को बीजेपी में कभी नहीं सुना गया.



इस्तीफा देने के बाद जब दारा सिंह, अपने सरकारी आवास पर पहुंचे तो उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये बातें कही. दारा सिंह ने कहा कि राज्य से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक ने उनकी बातों को नहीं सुना, जिससे वो आहत हैं. जिसके कारण उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दे दिया.


यह भी पढ़ें : ईवीएम के बदले मतपत्र से चुनाव कराए नहीं तो दे इच्छामृत्यु की अनुमति, सीएम बघेल के पिता द्वारा राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी से मची खलबली



उन्होंने कहा, प्रदेश के वंचित समाज के लोगों ने, पिछड़े समाज के लोगों ने, अनु.जाति समाज के लोगों ने, नौजवान और किसान, सारे लोगों ने समर्थन दे करके पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी. सरकार बनने के बाद जब उन्हें न्याय नहीं मिल पाया, इसकी गुहार हम लगाते रहे अपने बड़े नेताओं के साथ, यहां से लेकर दिल्ली तक बात को अनसुनी कर देने के बाद मुझे लगा कि न्याय नहीं मिल पाया है, तब इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी बात मानी हुई होती तो आज ये परिस्थिति पैदा नहीं होती. स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर दारा सिंह ने कहा कि वो वरिष्ठ नेता हैं, आज नहीं दशकों का मेरा संबंध है. लोकतंत्र में सबका अपना निर्णय होता है, कौन कहां जाता है, वो उसका अपना निर्णय होता है.



बता दें कि इनके इस्तीफे के बाद यूपी बीजेपी के बड़े नेता और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें पार्टी में वापस लौट आने के लिए कहा था. इसके लिए बकायदा उन्होंने ट्वीट भी किया था. हालांकि इस्तीफा देने के बाद दारा सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी कर ली है. इस मुलाकात के बाद सपा अध्यक्ष उनका सपा में स्वागत भी कर चुके हैं.



अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, सामाजिक न्याय के संघर्ष के अनवरत सेनानी श्री दारा सिंह चौहान जी का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! सपा व उसके सहयोगी दल एकजुट होकर समता-समानता के आंदोलन को चरम पर ले जाएंगे, भेदभाव मिटाएंगे! ये हमारा संकल्प है! सबको सम्मान सबको स्थान!
हाल ही में योगी कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य को 2014 में देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बुधवार को हाजिर नहीं हुए तो एमपी-एमएलए कोर्ट के अपर मुख्य दंडाधिकारी ने गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने का आदेश दे दिया. अब इस मामले में 24 जनवरी को सुनवाई होगी.



बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य के योगी कैबिनेट से इस्तीफे के बाद चार और विधायकों ने भी इस्तीफा के ऐलान कर दिया है. इनमें बांदा के तिंदवारी विधानसभा सीट से विधायक बृजेश कुमार प्रजापति, शाहजहांपुर की तिलहर विधानसभा सीट से विधायक रोशन लाल वर्मा, कानपुर देहात की बिल्हौर सीट से विधायक भगवती सागर और औरैया जिले की बिधूना सीट से भाजपा विधायक विनय शाक्य शामिल हैं.
 



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
कश्मीरी पत्रकार पर पीएसए लगाते हुए प्रशासन की दलील- अच्छ
योगी सरकार से यूपी की 47 फीसदी जनता नाराज, सर्वे में जनता ने
गरीब पर सबसे ज्यादा पड़ी कोरोना की मार, 53 प्रतिशत घट गई आमदन
नक्सली हिंसा के डर से विस्थापित आदिवासियों के मसले पर अन
विरोध करने पर बीजेपी उम्मीदवार प्रशांत चौधरी के समर्थक न
रायबरेली में खुली विकास की पोल, जान जोखिम में ड़ाल कर बांस
राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा का बढ़ा कुनबा, ओवैसी और बाबु सि
अपने ही क्षेत्र में घिरे केशव मौर्य, पूर्व आईएएस का तंज- ज
2016 से लगातार फेल है नरेंद्र मोदी सरकार, खत्म हो आयकर, भाजपा
31 जनवरी को किए जाने वाला भारत बंद स्थगित, चौधरी विकास पटेल
31 जनवरी को ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएगा किसान मोर्चा, बीजेपी
सर्वे में बीजेपी को भले ही बहुमत, लेकिन समय के साथ तेजी से
यति नरसिंहानंद की बढ़ेंगी मुश्किले, कोर्ट की अवमानना की क
महाराष्ट्र में 11 महीने में ही 2,498 किसानों ने कर ली आत्महत्य
अयोध्या से दूर राम मूर्ति के निर्माण के लिए सरकार कर रही ज
मध्याह्न भोजन के फंड में किया 101.01 करोड़ रुपये का गबन, ईडी ने
एंटीबायोटिक दवाओं का बैक्टीरिया पर नहीं हो रहा असर, दुनि
विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए बनी कठिन चुनौति, प्रचार करन
सुप्रीम कोर्ट बोला- कंपीटिटिव एग्जाम के प्रदर्शन के आधार
बीएचयू में एमए इन ब्राह्मणी स्टडीज कोर्स शुरू, पढ़ाया जाए
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper