×
भारत /

किसानों के केस वापस लेने पर बोले कृषि मंत्री- राज्य सरकारें करेगी फैसला

Published On :    28 Nov 2021   By : MN Staff
शेयर करें:


जहां तक आंदोलन के दौरान केस दर्ज होने का सवाल है, वह राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है और राज्य सरकारें केस की गंभीरता देखते हुए इस पर फैसला लेंगीं.



नई दिल्ली : तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि जहां तक आंदोलन के दौरान केस दर्ज होने का सवाल है, वह राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है और राज्य सरकारें केस की गंभीरता देखते हुए इस पर फैसला लेंगीं. तोमर ने कहा कि मुआवजे का सवाल भी राज्य सरकारों के अधीन है और राज्य सरकारें अपने राज्य की नीति के मुताबिक इस पर फैसला करेंगीं. कृषि मंत्री ने कहा, कृषि कानूनों को रद्द करने के ऐलान के बाद किसान आंदोलन को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है.



कृषि मंत्री तोमर ने आगे कहा, किसान संगठनों ने किसानों द्वारा पराली जलाने को अपराध से मुक्त करने की मांग की थी. भारत सरकार ने उनकी इस मांग को भी स्वीकार कर लिया है. इसके अलावा तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल विविधता, शून्य-बजट के साथ खेती और एमएसपी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के मुद्दों पर विचार के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है, जिसमें किसान संगठनों के प्रतिनिधि होंगे. नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला बिल शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में पेश किया जाएगा.


यह भी पढ़ें : केवल यूपी चुनाव जीतने की खातिर सरकार ने लांघ दी लक्ष्मण रेखा, यशवंत सिन्हा ने साधा निशाना


बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद भी किसान संगठन आंदोलन खत्म करने को राजी नहीं हैं. उनकी मांग है कि सरकार एमएसपी गारंटी कानून, किसानों पर दर्ज वापस लेने, सभी मामलों को हल करने के लिए कमेटी बनाने और किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का फैसला करे, तब वे आंदोलन खत्म कर घर वापस लौटेंगें.



इस बीच खबर है कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, हरियाणा व उत्तराखंड की राज्य सरकारें किसान आंदोलन के दौरान मृत किसान परिवारों के लिए मुआवजा घोषित कर सकती हैं. भाजपा नेतृत्व ने अपने राज्यों में किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिए हैं.



गौरतलब है, यूपी सहित पांच राज्यों के चुनाव के मद्देनजर सरकार किसान आंदोलन को जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण तरीके से खत्म कराना चाहती है. पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की घोषणा इसी दिशा में कदम है. सरकार की मुख्य चिंता आंदोलन के दौरान सात सौ से अधिक किसानों की विभिन्न कारणों से हुई मौत का मुद्दा है. सूत्रों के मुताबिक, इसके हल के लिए भाजपा शासित राज्य अपनी ओर से मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
बिलक़ीस बानो केसः प्रमुख गवाह ने रिहा हुए दोषियों से बताय
खतरे की घंटी : इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 81
आदिवासी संगठन जनगणना में सरना कोड़ शामिल करने कि मांग के ल
अदानी ग्रुप को जमीन देने से करोड़ों का नुकसान, पीएसी ने की
महंगाई नहीं रुकी तो सड़कों पर आ जाएगा जनसैलाब, आईएमएफ चीफ क
स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में बदह
मनरेगा के तहत मिला महज 34 दिन का रोजगार, परेशान मजदूर प्रदर
धान और दलहनी फसलों की बुआई हुई कम, चावल और दालों के दाम बढ़न
शिवराज के मंत्री बोले- अफसरों के चक्कर लगाकर चप्पलें घिस
दंभी सरकार छात्रों से किस बात का ले रही बदला? बढ़ी फीस पर अख
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- ईडब्ल्यूएस समुदाय को आरक
लालू प्रसाद यादव बोले- बीजेपी के सामने झुक जाता तो इतने दि
दिल्ली की मस्जिद में इमाम इलियासी से मिलने पहुंचे मोहन भ
एनआईए की छापेमारी के बाद कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन, स
बनारस में कल राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का पहला राष्ट्र
बेटे के मूर्ति छूने पर लगाया 60 हजार का जुर्माना, महिला बोल
शराब तस्करी मामले में बीजेपी नेता गिरफ्तार, कार में लिखा
खेतों में कटीले तार लगाने पर बैन, आदेश न मानने पर कार्रवाई
आरएसएस-भाजपा के इशारे पर ही बामसेफ संगठन को तोड़ने के प्रय
हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट ने न्यूज चैनल्स को लगाई लताड़, क
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper