×

‘राफेल सौदे से भी कम हेल्थ का बजट’

Published On :    23 Jun 2019   By : MN Staff
साझा करें:

वरिष्ठ पत्रकार ने बताया स्वास्थ्य सेवा का हाल



नई दिल्ली  :   बिहार में इस साल एक्यूट इंफेलाइटिस सिंड्रोम जिसे स्थानीय भाषा में ‘चमकी बुखार’ भी कहते हैं, से 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है. बच्चों की मौत और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक टीवी डिबेट में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने चरमराई हालात को बयां किया. उन्होंने कहा, पिछले तीन साल में बिहार का स्वास्थ्य बजट घटा है. 

पूरे देश में ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स  के क्षेत्र में बिहार और उत्तर प्रदेश नीचे गिरा हुआ है. बिहार में कुल मिलाकर 1 डॉक्टर पर 28,391 मरीज हैं, जबकि देश की बात की जाए तो 11,082 का है. जिस तरह से केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के नेता स्वास्थ्य और शिक्षा बजट के लिए लड़ते हैं, वैसे हिंदी पट्टी के राज्य के नेता क्यों नहीं लड़ते हैं. 


पूरे देश की बात करें तो 2018-19 का स्वास्थ्य बजट 54,600 करोड़ का था. वहीं, बताया जाता है कि 56 हजार करोड़ रुपये का राफेल डील ही हुआ है.जिस देश में सेहत से ज्यादा फायटर प्लेन की खरीद के लिए अधिक बजेट रखा जाता हैं.





बता दें कि जिस तरह से इस बार इंसेफेलाइटिस की वजह से बिहार में बच्चों की मौत हो रही है, उसी तरह वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और उसके आसपास के जिलों में सैंकड़ों बच्चों की मौत हो गई थी. इसके बाद इस इलाके में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चला और एक हद तक रोग को नियंत्रित करने में सफलता मिली. 


अब बिहार में यह रोग महामारी का रूप धारण कर चुका है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान पत्रिका में प्रकाशित 2017 के अध्ययन में कहा गया कि 2008 से 2014 के बीच इस रोग के 44 हजार से अधिक मामले सामने आए और इससे करीब छह हजार मौतें हुईं. उसके बाद भी मौत का सिलसिला जारी है.


एक तरफ बिहार में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. राज्य के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का घोर अभाव है. दूसरी ओर, नीतीश सरकार स्वास्थ्य बजट लगातार कम कर रही है. पॉलिसी रिसर्च स्टडीज के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि वर्ष 2016-17 में बिहार का स्वास्थ्य बजट 8,234 करोड़ रुपये था. 


अगले साल 2017-18 में इसमें 1200 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई और यह 7,002 करोड़ पर पहुंच गया. वहीं, 2018-19 में इसमें पिछली बार की तुलना में 3 फीसद वृद्धि करते हुए 7,794 रुपये कर दिया गया. इसमें एसकेएमसीएच में 150 करोड़ रुपये की लागत से कैंसर अस्पताल खोलने की योजना थी. अगले साल 2019-20 में स्वास्थ्य के लिए 6,922 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया लेकिन इसमें अस्पताल बनाने और मेडिकल कॉलेज बनाने का भी खर्च शामिल है.
संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
दुनिया में बेहद असुरक्षित भारतीय सड़कें
6 महीने में 24 हजार बच्चियों से बलात्कार, सुप्रीम कोर्ट भी ह
सात महीने में केवल 37 फीसदी खर्च हुआ पीएम किसान सन्मान योज
पंजाब में किसानों की कर्जमाफी पर बड़ा खुलासा
वोटों की गिनती में गड़बड़ी को लेकर एडीआर पंहुचा सुप्रीम को
संसद में अमित शहा बोले, देशभर में लागू करेंगे एनआरसी
दो साल से नहीं मिला कृषि बीमा क्लेम से एक भी पैसा
इतिहास के सिलेबस से रामायण-महाभारत हटाने की तैयारी में ब
छह महीने में सरकारी बैंकों में हुआ 95,000 करोड़ रुपये का घोटाल
मोदी राज में अधिकार के बदले बरस रही लाठियाँ
बीएचयू के संस्कृत प्रोफेसर फिरोज खान हुए भूमिगत
आरबीआई की मनाही के बावजूद मोदी सरकार ने इलोक्टोरल बॉन्ड
सिख दंगे के दस्तावेज चाट गये दीमक
केंद्र सरकार ने माना नोटबंदी के बाद दो साल में बढ़ी बेरोजग
आईटी सेक्टर में काम करने वालों के लिए बुरी खबर
गंगा को जहरीली बना रहीं टेनरियाँ, उत्तर प्रदेश सरकार को फ
युपी में नाम और रंग बदलने वाली सरकार काम कब करेगी
व्यापारी बाबा रामदेव की पोल खोल
आसाराम और रामरहीम का बाप निकला बाबा रामदेव
फातिमा लतीफ को न्याय दिलाने के लिए छात्रों की भूख हड़ताल
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper