×

असम में सीएए के खिलाफ आसू ने निकाला मशाल जुलूस, कि रद्द करने की मांग

Published On :    23 Jan 2021   By : MN Staff
साझा करें:

कोरोना महामारी की वजह से देशभर में ठंड पडा सीएए विराधी आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा हैं. असम में एक बार फिर सीएए के खिलाफ विरोध के सुर उठने लगे है.



गुवाहाटी : कोरोना महामारी की वजह से देशभर में ठंड पडा सीएए विराधी आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा हैं. असम में एक बार फिर सीएए के खिलाफ विरोध के सुर उठने लगे है. पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की असम यात्रा से ठीक पहले ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसु) ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को मशाल जुलूस निकाला. जिसमे मुख्य रूप से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) रद्द करने की मांग की गई.


आसु के सलाहकार समुज्ज्ल भट्टाचार्य और अध्यक्ष दीपांक कुमार नाथ को पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस करते देखा गया. पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मशाल सौंपे जाने पर ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी. भट्टाचार्य ने कहा, हमने मशालें सौंपने से इनकार कर दिया क्योंकि यह हमारे विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा था और हम इसे नहीं बदलेंगे. उन्होंने प्रदर्शन को कुचलने के लिए पुलिस भेजने को लेकर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की आलोचना की.


उल्लेखनीय है कि सोनोवाल उस वक्त आसु के अध्यक्ष थे, जब भट्टाचार्य इसके महासचिव हुआ करते थे. भट्टाचार्य ने कहा, ‘सोनोवाल स्वाहीद भवन से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे और अब वह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस भेज रहे हैं. यह शर्मनाक है और हम इसकी निंदा करते हैं.


प्रदर्शनकारियों ने मोदी, शाह और सोनोवाल के खिलाफ नारेबाजी की. प्रधानमंत्री शनिवार को शिवसागर जिले में असम सरकार द्वारा एक लाख से भी अधिक निवासियों को भूमि पट्टा वितरित किए जाने के कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. वहीं, शाह के रविवार को राज्य की यात्रा करने का कार्यक्रम है. इस बीच, आसु के सदस्य पुलिस के साथ हुई एक झड़प में घायल हो गये. दरअसल, पुलिस ने तेजपुर में उन्हें मशाल जुलूस निकालने से रोकने की कोशिश की थी.



यह भी पढ़े : ट्रैक्टर परेड में 4 किसान नेताओं को गोली मारने की साजिश का भंडाफोड


आसु ने घोषणा की है कि मोदी की शनिवार की यात्रा के दौरान उसके कार्यकर्ता सभी जिलों और अनुमंडलों में काले कपड़े से चेहरे को ढंक कर प्रदर्शन करेंगे. साथ ही, आसु ने 24 जनवरी को शाह की यात्रा के दौरान सीएए की प्रतियां जला कर काला दिवस मनाने की घोषणा की है. आसु पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिनियम रद्द करने और असम संधि की धारा छह पर समिति की रिपोर्ट का क्रियान्वयन करने के भी पक्ष में है. जो मूलनिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण करती है.


बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार सीएए और एनआरसी लागू करने की तैयारी में है. लेकिन पूरे देशभर में इस कानून का विरोध हो रहा है. सीएए के तहत पडोसी देशों में प्रताडित गैर मुस्लिम लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है. हालांकि इसमे मुस्लिमों जिक्र नहीं है, लेकिन कई लोगों, राजकिय दलों और सामाजिक संगठनों का आरोप हैं की सीएए और एनआरसी लागू होने से सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि एससी, एसटी और ओबीसी के कई लोगों की नागरिकता छिन सकती है.



यह भी पढ़े : को-वैक्सीन के ट्रायल संबंधित जानकारी देन से सरकार ने किया इनकार


वहीं सरकार कह रही हैं की यह कानून नागरिकता देने के लिए बनाया जा रहा हैं नागरिकता छिनने के लिए नहीं. लेकिन जिस तर असम में एनआरसी की अंतिम सूची जा की गई, उस सूची में साडेचार लाख मुस्लिमों के नाम नागरिकता सूची से हटाए गये वहीं एससी, एसटी और ओबीसी के 14.50 लाख लोगों के नाम नागरिकता सूची से हटाए गये हैं. यह बात साबित करती हैं की यदि देश में सीएए और एनआरसी लागू होती हैं तो मुस्लिमों सहित एससी, एसटी और ओबीसी के लाखों लोगों को अपनी नागरिकता से हाथ धोना पड़ेगा.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
मुझे नीचे खींचने की कोशिश में हैं कांग्रेस के कुछ चेहरे
नरेंद्र सिंह तोमर के पास पूरा पावर नहीं वरना कानून वापस ल
आर्थिक तंगी से झूज रहे गरीबों पर महंगाई चौतरफा मार, पेट्र
महंगाई पर महंगाई : महंगाई ने आम आदमी की तोड़ी कमर
पेट्रोल डीजल की महंगाई को धर्मसंकट बताने वाली वित्तमंत्
दिल्ली दंगा : सरकार के मदद के आश्वासनों के बाद पीड़ितों को
भाजपा के कहने पर बंगाल में करवाए जा रहे आठ चरणों में चुनाव
योगी सरकार में असुरक्षीत महिला और बेटियां
ओबीसी की जाति आधारित गिनती ब्राह्मणवाद का खात्मा
दिल्ली दंगा : घायलों से राष्ट्रगान गाने को कहने वाले पुलि
ब्रिटिश कोर्ट ने माना नीरव मोदी ने रची सबूत मिटाने और गवा
मोदी सरकार ने देश के हर वर्ग को ठगा, फायदा सिर्फ अडानी-अंब
किसानों की लड़ाई सरकार से नहीं है, बल्कि देश के लुटेरों से
देश में एक ओर भारी भुखमरी और दूसरी ओर सरकारी गोदामों में स
मज़दूरों से ज्यादा देर तक काम कराने में आगे देश
किसान महापंचायत में जयंत चौधरी की चेतावनी, सरकार नहीं मा
बिहार दूसरा सबसे बड़ा भष्ट्र राज्य, 75 फीसदी काम बिना घूस लि
मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एबीवीपी को बड़ा झटका
सरदार पटेल का नाम मिटा कर आरएसएस पर बैन का बदला ले रही बीज
डिबेट के दौरान पैनलिस्ट ने की भाजपा नेता की चप्पल से धुना
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper