×

बामसेफ और राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ के 37 वे वर्चुअल अधिवेश के लिए वामन मेश्राम की अपील

Published On :    30 Oct 2020   By : MN Staff
साझा करें:

योजनाबद्ध तरीके से कार्यकर्ता अपनी बुद्धि, समय, पैसा, हुनर जनआंदोलन के लिए लगाए



नई दिल्ली : आगामी दिसंबर माह में होने वाले बामसेफ और राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ के 37 वे वर्चुअल राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी हेतु बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन ने अधिवेशन के तैयारी हेतू कार्यकर्ताओं से अपील की है. उन्होंने कहा की कार्यकर्ताओं को योजनाबद्ध तरीके से अपनी बुद्धि, समय, पैसा, हुनर जनआंदोलन के लिए लगाना चाहिए.


वामन मेश्राम ने बताया की सेंटर यूनिट के द्वारा बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू की गई है. उसे और गति प्रदान करने के लिए यह वीडियो जारी किया जा रहा है. ताकि देशभर के कार्यकरर्ता राष्ट्रीय अधिवेशन के तैयारी पर ध्यान दे. उन्होंने वर्तमान ज्वलंत समस्याए के बारे में बताते हुए कहा, शासक वर्ग ने किसानों को भी गुलाम बनाने के लिए उनके विरोध में कानून बनाएं. 


यह कानून किसानों को संकट में डालने वाला और उनको जमीन से बेदखल करने के षड्यंत्र का मामला है. इसी वजह से एमएसपी केवल मौखिक रूप से देने का वादा. लेकिन एमएसपी कानून बनाकर ना देने का वादा, इस बात को सिद्ध करता है कि इसके पीछे एक गहरा षड्यंत्र है. किसानों की जमीन उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश का यह एक बड़ा हिस्सा है. इसके बारे में हमारे लोगों को खबरदार होना बहुत जरूरी है.


उन्होंने कहा, जिस तरह लॉकडाउन में मजदूरों का पलायन हुआ. आपने आजाद भारत के इतिहास में ऐसी भयंकर घटना पहले कभी नहीं देखी हो. इसके अलावा संसद में जो मजदूरों के विरोध में कानून बनाया गया. उसमें मजदूरों के लिए बनाए कानून उद्योगपतियों को बहाल कर दिए गए. 100 मजदूरों को कंपनी में जो अधिकार उद्योगपतियों को दिए गए थे अब वह अधिकार 300 मजदूर वाले कंपनी के दिए गए है.


काननू मजदूरों के लिए बनाया और अधिकार उद्योगपतियों को बहार कर दिए गए. यानी मार्केट से मजदूर लेने का और उन्हें किसी भी समय रखन या निकालने का अधिकार उद्योगपतियों बहाल किया गया. इसके लिए सरकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है. मजदूरों के हक के लिए लड़ने वाले यूनियनों के भी अधिकारों पर कुठाराघात किया गया. आजाद भारत का बहुत भयंकर मामला है. इसके बारे में सारे लोगों को कोई खास जानकारी मीडिया के द्वारा नहीं देने का काम हो रहा है.


वामन मेश्राम ने कहा, दिल्ली में मूसलमानों के विरोध में दंगे किए गए और मुसलमानों को ही दोषी ठहराया गया. हैरान करने वाली बात यह की क्या मुसलमानों ने मुसलमानों के खिलाफ दंगे फैलाने का काम किया? यह बड़ी गंभीर बात है. ऐसा ही रिपोर्ट बनाया गया. 


दिल्ली में केजरीवाल की सरकार है, लकिन दिल्ली की पुलिस केजरीवाल के अधिन नहीं बल्कि केंद्र सरकार के अधिन है तो स्वाभाविक रूप से होगा और ऐसा ही हुआ. मुंबई पुलिस पूर्व पुलिस आयुक्त रिबरो आपने होगा सुना होगा. उन्होंने बयान दिया कि दिल्ली पुलिस का वर्तन कानून के अनुसार नहीं है. जिन चीजों की जांच उनको करनी चाहिए थी वह उन्होंने की ही नहीं. इस तरह उन्होंने कानून के राज का उल्लंघन करने का काम किया. इसे भी समझने की जरूरत है.


बामसेफ अध्यक्ष ने कहा, सीएए, एनपीआर, और एनआरआईसी अपने ही लोगों को विदेशी साबित करने का षड्यंत्र है. क्योंकि डीएनए के अनुसार ब्राह्मण विदेशी है. एससी, एसटी और ओबीसी के लोग ब्राम्हणों को विदेशी कह रहे है. इस पर दरदा डालने के लिए ब्राम्हण लोगों ने अपने ही देशवासियों को विदेशी डिसाइड करने के लिए कानून बनाए गए हैं. यदि पाकिस्तान से आए हुए लोगों को नागरिकता देने का मामला है 1955 के कानून के अनुसार दिया जा सकता है. 


इसके लिए 2019 में अलग से कानून बनाने की जरूरत नहीं थी. अगर पाकिस्तान का नाम लेकर बनाया गया होता तो जो आसाम में उन्होंने 19 लाख के करीब लोगों को विदेशी घोषित कर दिया.इसमें लगभग 14 लाख के करीब एससी, एसटी और ओबीसी के लोग है, जिन लोगों को यह लोग हिंदू कहते हैं उन्हीं लोगों को उन्होंने विदेशी घोषित कर दिया. वह इसलिए की यह एससी, एसटी और ओबीसी के लोग है. इस षड़यंत्र को समझने की जरूरत है.


उन्होंने कहा, देश में जब कोरोना वायरस आया तब देशवासियों को जानकारी मिली की हेल्थ केअर का ढ़ाचा प्राइवेटाइजेशन  से बर्बाद किया गया. जिससे कोरोना संकट जितना खतरनाक था उससे और ज्यादा खतरनाक हो गया. आजाद भारत में इतने बड़े पैमाने पर बेरोजगारी इसके पहले कभी नहीं थी. जो लोग केवल हिंदू मुसलमान के मामले को बढ़ावा देते रहे और लोगों को गुमराह करते रहे, उसी दौरान बेरोजगारी को बड़े पैमाने पर फैलाकर भारत में पहली बार अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने का मामला खड़ा कर दिया.


मेश्रान ने कहा, केंद्र सरकार कोरोनावायरस की वजह से अर्थव्यवस्था बर्बाद हुई ऐसा कहते हैं, मगर कोरोनावायरस आने के पहले इसी अर्थव्यवस्था ने नकारात्म रूप धारण कर लिया था इसके बारे में जो आंकड़े उपलब्ध है. उससे ऐसा कहा जा सकता हैं की जो नीतियां उद्योगपतियों के लिए बनाई उसकी वजह से ऐसा हुआ. केवल दों, तीन उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम किया गया. इसी वजह से अंबानी विश्व का चौथे नंबर का उद्योगपति बना. 


उसके फेवर भी कानून में परिवर्तन करने की वजह से ऐसा हुआ. यह आंकड़ों के आधार पर प्रमाणित हो गया है. इतना सारा षड्यंत्र, जन विरोधी कार्य देश में हो रहा है. इसके बावजूद सरकार चलाने वालों को डर इसलिए नहीं लगता क्योंकि उनको ऐसा लगता है कि हमारे पास ईवीएम है और हम उनके द्वारा हर बार चुनाव जीत सकते हैं. इसलिए डरने की जरूरत नहीं है. इसलिए इसके विरोध में देशव्यापी जन आंदोलन निर्माण करने की जरूरत है.


उन्होंने कहा, जन आंदोलन निर्माण करने के लिए हमने 6 लाख 50 हजार गांव में एक लाख एक हजार सेंटर बनाने का निर्णय लिया. यदि इस सेंटर के अधीन 5 या 6 गांव रखते है तो साडे छह लाख गांव तक हमारा आंदोलन पहुंच जाएगा और जनआंदोलन में रूपांतरित हो जाएगा. यह करने के लिए हम प्रतिबद्ध है और हर हालत में हम ऐसा कर सकते हैं. 


इसके लिए जो हमारे पास जो भारत मुक्ति मोर्चा नाम का आंदोलन करने वाला संगठन और जो ऑफशूट संगठन है उसे मिलाकर हमे देशभर में जन आंदोलन की तैयारी करनी होगी. इसके लिए कार्यकर्ताओं को अपील करता हूं वे योजनाबद्ध तरीके से अपनी बुद्धि, पैसा, हुनर और श्रम इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए लगाए. जब हम ऐसा करेंगे तभी सफल हो सकते है.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
केंद्र ने जम्मू कश्मीर में दूरसंचार सेवा बंद करने से संब
भाजपा के राज में ‘राम नाम सत्य‘ करो या फिर ‘जेहाद‘ बोल दो
यूपी में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की छंटनी शुरू, लखनऊ मे
पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, कुरुक्षेत्र में बैरिकेट
विमानन कंपनियों का नुकसान इस साल 118.5 और अगले साल 38.7 अरब डॉलर
मोदी सरकार के डिजिटल मीडिया एफ़डीआई नीति के कारण हफपोस्ट
आगामी चुनाव में ईवीएम की बजाए बैलेट पेपर का उपयोग के लिए स
भारत में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
नोटबंदी के बाद बढ़ी शिशु मृत्यु दर, यूपी-मध्यप्रदेश और झार
‘लव जिहाद’ के नाम पर लोगों को भड़का रही है भाजपा
आश्रम में कमजोर महिला को बनाया हवस का शिकार, बच्चे के जन्म
कृषि कानून पर किसानों का हल्लाबोल, सातवें आसमान पर आंदोल
आरएमबीकेएस के सभी साथी अधिवेशन को सफल बनाने के लिए सहयोग
फेक टीआरपी घोटाले में मुंबई पुलिस ने दाखिल किया आरोप पत्
बामसेफ, भारत मुक्ति मोर्चा और सभी ऑफशूट विंग के कार्यकर्
आर्थिक विशेषज्ञों की सलाह दरकिनार कर उद्योगपतियों दी गई
बामसेफ संस्थापक सदस्य मा.दीनाभाना की बेटी व परिवार ने लि
बाढ़ राहत राशि से रिश्वत मांगने वाले अधिकारी की महिलाओं न
लॉकडाउन से प्रदूषण का स्तर तो घटा, फिर भी मीथेन उत्सर्जन ब
19 लाख बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिला तो होगा जन आंदोलन
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper