×

द इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता को चौराहों पर जलाने की तैयारी कर रहे हैं : वामन मेश्राम

Published On :    28 Sep 2020   By : MN Staff
साझा करें:

‘‘ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है. हमें संविधान के आर्टिकल 19 के तहत विरोध करने का मौलिक अधिकार है. अगर हम ऐसा कह रहे हैं कि 3.5 प्रतिशत ब्राह्मणों का विधायिका, कार्यपालिका, न्याय और मीडिया पर कब्जा है. यही नहीं ब्राह्मणों ने राष्ट्रीय लेवल की पांच-पांच पार्टियां बनाई तो इसमें गलत क्या है? ये तो 100 प्रतिशत सच्चाई है. सच्चाई कहना गलत नहीं है और न ही घृणा अभियान चलाना है. विरोध करने का अधिकार भारतीय संविधान ने ही दिया है और उसी के तहत हम इस विचारधारा का विरोध कर रहे हैं.’’



पुणे : द इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता को चौराहों पर जलाने की तैयारी कर रहे हैं. यही नहीं इन दोनों अखबारों के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस भी दायर करने वाले हैं. क्यांकि ये ब्राह्मणवा-बनिया प्रचार माध्यम हमारे खिलाफ समाज में घृणा अभियान चला रहा है. यह बात बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने नेशनल दस्तक के एक इंटरव्यू में कही. 


इंटरव्यू में वामन मेश्राम ने कहा कि 25 सितंबर 2020 को शाम 6 बजे बामसेफ के वरिष्ठ कार्यकर्ता एड़ देवजीभाई महेश्वरी की ब्राह्मणों ने हत्या कर दी. 27 सितम्बर 2020 को द इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता ने एड. देवजीभाई महेश्वरी के हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़े जाने की खबर तो छापी, मगर झूठी खबरें छापकर देवजीभाई कि हत्या का समर्थन किया. खबर के टाईटल में लिखा कि ‘ब्राम्हण विरोधी फेसबुक पोस्ट करने की वजह से दलित वकील कि हत्या’ और खबर के अंदर लिखा है कि इस हत्या के पीछे ‘ब्राम्हणवाद के विरोधी फेसबुक पोस्ट है. जबकि, दर्ज एफआईआर के मुताबिक, हत्या के पीछे जमीन केस का मामला है. 


वामन मेश्राम ने कहा ये खबर गलत कैसे है? यह समझना जरुरी है. उन्होंने कहा ‘दलित वकील कि हत्या’ इस तरह से लिखने के पीछे उनकी मानसिकता ये है कि अनु.जाति के लोगों के अलावा कोई दूसरे जाति के लोग उनके न्याय के लिए मैदान में न आये. दूसरी बात यह है कि ‘ब्राह्मण विरोधी पोस्ट’ लिखकर वे उस हत्या को सही ठहराना चाहते हैं कि वकील ने ब्राह्मण के विरोध में लिखा, इसलिए ब्राह्मण ने वकील की हत्या कर दी. 

आगे वामन मेश्राम ने कहा कि खबर के अंत में देवजीभाई की आखिरी फेसबुक पोस्ट का जिक्र किया है कि मेरे एक भाषण का वीडियो है, जिसमें मैं कह रहा हूं कि एससी, एसटी, ओबीसी के लोग हिन्दू नहीं है और मैने यह ब्राह्मणों को चुनौती देकर कहा है. लेकिन, आज तक किसी ब्राह्मण ने मेरी बात को झूठ साबित नहीं किया. उन्होंने कहा कि द इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता के लोग ये खबर पुलिस की दी हुई जानकारी के आधार पर लिखी है. लेकिन, क्या उन्होंने इस बात का वेरीफीकेशन किया? क्या खबर लिखने से पहले उन्होंने दूसरी तरफ की बातों को जानने की कोशिश की? नहीं की. ऐसा न करके उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है और साथ में ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मार्गदर्शकतत्वों का भी उल्लंघन किया है.


वामन मेश्राम ने दावे के साथ कहा कि ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है. हमें संविधान के आर्टिकल 19 के तहत विरोध करने का मौलिक अधिकार है. अगर हम ऐसा कह रहे हैं कि 3.5 प्रतिशत ब्राह्मणों का विधायिका, कार्यपालिका, न्याय और मीडिया पर कब्जा है. यही नहीं ब्राह्मणों ने राष्ट्रीय लेवल की पांच-पांच पार्टियां बनाई तो इसमें गलत क्या है? ये तो 100 प्रतिशत सच्चाई है. सच्चाई कहना गलत नहीं है और न ही घृणा अभियान चलाना है. विरोध करने का अधिकार भारतीय संविधान ने ही दिया है और उसी के तहत हम इस विचारधारा का विरोध कर रहे हैं.


वामन मेश्राम ने कहा कि उन्होंने अपनी खबर में बामसेफ और इंडियन लीगल प्रोफेशनल असोसिएशन इन दो संगठनों का नाम लिया है, इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि दूसरी तरफ की जानकारी कहां से और कैसे लेनी है. इसलिए हमारा ये मानना है कि द इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता ने जानबूझकर लोगों को गलत जानकारी देने का काम किया है और देवजीभाई की हत्या का समर्थन किया है. हम इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस दायर करेंगे और देशभर में इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता को चौराहों पर जलाने के लिए आंदोलन करेंगे.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
नीतिश कुमार के दस साल के कार्यकाल में बढ़े अपहरण, मर्डर की
लव जिहाद पर विवादों में फसी रेखा शर्मा, महिला आयोग से हटान
रेलवे, रक्षा मंत्रालय और बीएसएनएल की जमीन बेचकर मोदी सरक
पत्रकारों के साथ ज्यादती पर ग्लोबल प्रेस संस्थानों ने पी
पटना सचिवालय में आग लगने पर कांग्रेस नेता का गंभीर आरोप
भारत में कोरोना से ज्यादा घातक अन्य बीमारियाँ
योगी सरकार कर दी सेवा समाप्त
बिहार चुनाव में बीजेपी-जेडीयू को जिताने का खेल शुरू
मध्य प्रदेश सरकार की महिला मंत्री का विवादित बयान
प्रधानमंत्री के देश के संबोधन पर चंद मिनटों में मिले 45 हज
महाराष्ट्र में बीजपी को बड़ा झटका, एकनाथ खड़से ने छोड़ी पार्
हाथरस मामले में योगी सरकार पर सच दबाने और अभियुक्तों का स
नीतीश कुमार चोर हैं, मनरेगा का पैसा खाया है
क्या देश भर में वाकई घटी बेरोजगारी? इन राज्यों में अब भी 22
फोन पर एक शख्स ने मदद मांगने पर वरूण गांधी बोले
पंजाब में कृषि कानून को लेकर बढ़ा किसानों का गुस्सा
सीएए को जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा
नियमों में बदलाव, चुनावी उम्मीदवार अब कर सकेंगे 10 फीसदी ज
एजुकशन का लॉकडाउन...!
तीन साल में हर 35 दिन में दिल्ली पुलिस के एक कर्मचारी ने की
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper