×

कृषि विधेयक के खिलाफ कर्नाटक में किसानों ने की सड़कें जाम, बिल वापस लेने की मांग

Published On :    28 Sep 2020   By : MN Staff
साझा करें:

केंद्र सरकार की और से संसद के दोनों सदनों में नए कृषि विधेयक पारित करने के बाद इसका विरोध अब बढ़ता ही जा रहा है. पंजाब, हरियाणा के बाद अब कर्नाटक में भी किसान सड़कों पर उतर आए हैं. कई किसान संगठनों ने आज राज्य में कई सड़कों को जाम कर दिया है.



बेंगलुरू : केंद्र सरकार की और से संसद के दोनों सदनों में नए कृषि विधेयक पारित करने के बाद इसका विरोध अब बढ़ता ही जा रहा है. पंजाब, हरियाणा के बाद अब कर्नाटक में भी किसान सड़कों पर उतर आए हैं. कई किसान संगठनों ने आज राज्य में कई सड़कों को जाम कर दिया है. वहीं सीएम येदियुरप्पा से नए बिल को वापस लेने की मांग की है. इसके साथ ही अब विरोध की आंच दिल्ली तक पहुंच गई हैं. सोमवार सुबह नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया गया.


बता दें कि बीएस येदियुरप्पा सरकार द्वारा लाए गए कृषि उत्पाद बाजार समिति और भूमि सुधार कानून में संशोधन से किसानों में नाराजगी है। वहीं किसान संगठनों को विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस और जेडीएस ने भी समर्थन दिया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सीएम बीएस येदियुरप्पा से कानून को वापस लेने और माफी मांगने को कहा है.


कर्नाटक में विभिन्न किसान संगठनों ने सोमवार को राज्य बंद का ऐलान किया है. बंद के चलते राज्य की सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने बिल के विरोध में हुबली में सड़क जाम कर दी हैं.  प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए हैं, जिससे वहां भारी जाम लग गया है. वहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. किसान नए कृषि विधेयक के साथ ही बीएस येदियुरप्पा सरकार द्वारा लगाए नए भूमि अधिग्रहण कानून और कृषि उत्पाद बाजार समिति का भी विरोध कर रहे हैं. वहीं किसान संगठनों को विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस और जेडीएस ने भी समर्थन दिया है.



यह भी पढ़े : पीएम केअर फंड में शिक्षा संस्थान, आरबीआई, सरकारी बैंकों और एलआईसी स्टाफ की सैलरी काटकर पहुंचाई करोड़ों की रकम



वहीं विरोध की आंच अब दिल्ली तक पहुंच गई हैं. सोमवार सुबह नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया गया. हालांकि, आग किसने लगाई? यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. नई दिल्ली के डीसीपी डीसीपी ईश सिंघल ने बताया, सात बजकर 15 मिनट से साढ़े सात के बीच 15 से 20 लोग यहां एकजुट हुए थे और उन्होंने ट्रैक्टर को आग लगाने की कोशिश की. आग पर काबू पा लिया गया है और ट्रैक्टर वहां से हटा दिया गया है. जो इस घटना में शामिल हैं, उनकी शिनाख्त की जा रही है. न्यूज 18 की रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया कि ट्रैक्टर को आग के हवाले यूथ कांग्रेससे जुड़े प्रदर्शनकारियों ने किया.


बता दें कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को तीन कृषि विधेयकों को मंजूरी दी, जिनके चलते इस समय एक राजनीतिक विवाद खड़ा है. खासतौर से पंजाब और हरियाणा के किसान खफा हैं. गजट अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने तीन विधेयकों को मंजूरी दी. वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कृषि विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक’’ करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य के कानूनों में संशोधन समेत सभी विकल्पों को खंगाल रही है. सीएम ने कहा कि कोई भी फैसला करने के पहले सभी किसान संगठनों और अन्य हितधारकों को विश्वास में लिया जाएगा.



यह भी पढ़े : वर्ष के अंत तक चारों श्रम संहिता लागू करेगी सरकार : संतोष गंगवार



शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीन कृषि विधेयकों के साथ जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक को दी गई मंजूरी को रविवार को दुखद और निराशाजनक करार दिया. एक बयान जारी कर बादल ने कहा कि देश के लिए आज ‘काला दिन’ है क्योंकि राष्ट्रपति ने राष्ट्र के अंतःकरण के अनुरूप काम करने से इनकार कर दिया.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
नीतिश कुमार के दस साल के कार्यकाल में बढ़े अपहरण, मर्डर की
लव जिहाद पर विवादों में फसी रेखा शर्मा, महिला आयोग से हटान
रेलवे, रक्षा मंत्रालय और बीएसएनएल की जमीन बेचकर मोदी सरक
पत्रकारों के साथ ज्यादती पर ग्लोबल प्रेस संस्थानों ने पी
पटना सचिवालय में आग लगने पर कांग्रेस नेता का गंभीर आरोप
भारत में कोरोना से ज्यादा घातक अन्य बीमारियाँ
योगी सरकार कर दी सेवा समाप्त
बिहार चुनाव में बीजेपी-जेडीयू को जिताने का खेल शुरू
मध्य प्रदेश सरकार की महिला मंत्री का विवादित बयान
प्रधानमंत्री के देश के संबोधन पर चंद मिनटों में मिले 45 हज
महाराष्ट्र में बीजपी को बड़ा झटका, एकनाथ खड़से ने छोड़ी पार्
हाथरस मामले में योगी सरकार पर सच दबाने और अभियुक्तों का स
नीतीश कुमार चोर हैं, मनरेगा का पैसा खाया है
क्या देश भर में वाकई घटी बेरोजगारी? इन राज्यों में अब भी 22
फोन पर एक शख्स ने मदद मांगने पर वरूण गांधी बोले
पंजाब में कृषि कानून को लेकर बढ़ा किसानों का गुस्सा
सीएए को जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा
नियमों में बदलाव, चुनावी उम्मीदवार अब कर सकेंगे 10 फीसदी ज
एजुकशन का लॉकडाउन...!
तीन साल में हर 35 दिन में दिल्ली पुलिस के एक कर्मचारी ने की
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper