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यूपी में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की छंटनी शुरू, लखनऊ में 3 दारोगा समेत 11 जबरन रिटायर

Published On :    26 Nov 2020   By : MN Staff
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योगी सरकार के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 50 की उम्र पार कर चुके प्रभावी काम करने में अक्षम कर्मियों को रिटायर करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है. इसी क्रम में लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात 11 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई.



लखनऊ : योगी सरकार के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 50 की उम्र पार कर चुके प्रभावी काम करने में अक्षम कर्मियों को रिटायर करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है. इसी क्रम में लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात 11 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई. 


इन पुलिसकर्मियों की उम्र 50 से अधिक थी और स्क्रीनिंग में ये प्रभावी कर्मी काम कर पाने में अक्षम बताए गए थे, इसलिए इन्हें जबरन रिटायर कर दिया गया. जबरन रिटायर किए गए पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त दी गई है उनमें 3 सब इंस्पेक्टर, 7 कांस्टेबल और 1 चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी शामिल है. शासन को इसकी रिपोर्ट कमिश्नर डीके ठाकुर ने भेजी थी.


लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात पुलिसकर्मियों की फिटनेस जांच के बाद पहली सूची जारी की गई है, जल्द ही ऐसे कई और पुलिसकर्मियों की सूची जारी की जाएगी. हालांकि सूची जारी होने के बाद ही पता चल पयेगा कि जबरन रिटायर करने वालों में कितने सर्वण एवं तत्तसम ऊंची जाति के लोग हैं और कितने एससी, एसटी, ओबीसी और मायनॉरिटी के लोग.



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आपको बता दें कि योगी सरकार के निर्देश पर डीजीपी मुख्यालय ने बीते सितंबर में सभी पुलिस जोन के एडीजी, लखनऊ और नोएडा पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख 31 मार्च 2020 को 50 साल की आयु पूरी कर चुके अक्षम पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग कराए जाने के निर्देश दिए थे. जिलों में स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों को सौंपी गई थी. अब सभी जिलों में 50 की उम्र पार कर चुके सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर पद तक के पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है. स्क्रीनिंग के बाद जो पुलिसकर्मी अक्षम पाए जा रहे हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जा रही है.

क्या 50 की उम्र पार कर चुके पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्त करना कानूनी है?
बताया जा रहा है कि नियमों में ऐसी व्यवस्था है कि नियुक्ति प्राधिकारी किसी भी समय किसी सरकारी सेवक को (चाहे वह स्थाई हो या अस्थाई) नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए उसके 50 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के बाद रिटायर हो जाने की अपेक्षा कर सकते हैं. इसी नियम के तहत समय-समय पर शासनादेश जारी करके नियुक्ति प्राधिकारियों से अक्षम कर्मचारियों को चिह्नित करके रिटायर करने को कहा जाता रहा है. पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस कार्रवाई के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनी हुई है.


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