×
भारत /

कुपोषण से निपटने के लिए दो मंत्रालयों में खींचतान

Published On :    10 Feb 2020   By : MN Staff
शेयर करें:


वित्त मंत्रालय ने वित्त आयोग कि सिफारिशों को किया खारिज, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने अपने पूरक पोषण कार्यक्रम के लिए 15 वें वित्त आयोग से अधिक धन का अनुरोध किया था. वित्त मंत्रालय ने आयोग की सिफारिश को खारिज कर दिया.



नई दिल्ली :  भारत में बाल कुपोषण की समस्या एक बड़ी और गंभीर समस्या है जो आज भी बरकरार है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार की तरफ से कई प्रयास किए जा रहे है, लेकिन इस मोर्चे पर जिस तरह सफलता मिलनी चाहिए उस तरह नहीं मिल रही है. 


द प्रिंट की एक रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के दो मंत्रालय इससे निपटने के लिए आवश्यक धनराशि को लेकर आपस खींचतान कर रहे हैं. महिला और बाल विकास मंत्रालय ने अपने पूरक पोषण कार्यक्रम (एसएनपी) के लिए 15 वें वित्त आयोग से अधिक धन का अनुरोध किया था. लेकिन आयोग ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया. आयोग ने 2020-21 के वित्तीय वर्ष के लिए 7,735 करोड़ रुपये के पोषण अनुदान की सिफारिश की है.


अपनी अंतरिम रिपोर्ट में, आयोग ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है और एक साल की देरी से देश की भविष्य की मानव पूंजी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. वित्त मंत्रालय ने हालांकि, इस आधार पर आयोग की सिफारिश को खारिज कर दिया है कि सरकार पहले से ही बहु-क्षेत्रीय पोशन अभियान चला रही है, जिसके लिए 2017-18 से शुरू होने वाले तीन वर्षों के लिए 9,046 करोड़ रुपये रखे गए हैं.


वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा, आयोग ने कुछ प्रदर्शन विशेषताओं के साथ पोषण के लिए एक क्षेत्रीय अनुदान की सिफारिश की है. हमने पोषण के लिए क्षेत्रीय अनुदान को स्वीकार नहीं किया है. हमारे पास पहले से ही पोशन योजना है. हम इसे फंड कर रहे हैं. हमें लगता है कि यह डुप्लिकेट है.


मालुम हो की पोशन मिशन, जिसे पहले राष्ट्रीय पोषण मिशन कहा जाता था, डब्ल्यूसीडी मंत्रालय के नेतृत्व में एक बहु-मंत्रालय पहल है. यह तीन साल की समय-सीमा में 0-6 आयु वर्ग, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के पोषण की स्थिति में सुधार के लिए शुरू किया गया था.


PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
गुरमीत राम रहीम का नए विवाद में नाम सामने आने पर पुलिस ने
ट्रंप की भतीजी ने किताब में किया खुलासा
डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर के घर में बदमाश लोगों ने की तोड़फोड़
केरल सोना तस्करी मामले के सीएम कार्यालय से जुड़े हैं तार
मिड-डे-मील से बच्चे वंचित रखने का मानवधिकार आयोग ने लिया स
रेलवे के निजीकरण से लाखों सरकारी नोकरियां होंगी खत्म
सोने के आभूषण बनाने वाले लॉकडाउन में मनरेगा में खोद रहे ग
यस बैंक घोटाला : राणा कपूर की सेंट्रल लंदन की संपत्ति को अ
प्रधानमंत्री मोदी एक और झुठ आया सामने
महंगाई का चढ़ा पारा, अनलॉक में लाल हुए आलू, प्याज, टमाटर
सेना में महिलाओं को स्थाई कमिशन के लिए कोर्ट ने केंद्र को
लिस्टेड अपराधियों की सूची में पहिली बार पाया गया विकास द
बहुजन मुक्ति पार्टी का ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम
जनता का पैसा, प्राइवेट कंपनियों की कमाई, रेल यात्रियों की
अमेरिका का छात्र वीजा वापस लेने का ऐलान
विश्वविद्यालयों को परीक्षाएं आयोजित कराने मिली अनुमति
साकेत बचाने के लिए ‘‘चलो गांव की ओर’’
हिंसा मामले में कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर से जुड़ी दे स्
बिहारियों पर अत्याचार का आरोप के चलते गुजरात सीएम पर मुक
महामारी में स्कूल बंद के चलते नहीं मिल रहा मिड-डे-मील
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper