×

जमीयत ने दलित मुस्लिम-ईसाइयों को एससी का दर्जा दिलाने के लिए खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

Published On :    4 Dec 2022   By : MN Staff
साझा करें:

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट मे दायर एक याचिका में दलित मुसलमानों और दलित ईसाईयों को भी अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग की है.



सहारनपुर :  जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट मे दायर एक याचिका में दलित मुसलमानों और दलित ईसाईयों को भी अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग की है. याचिका में जमीयत मांग कर रही है कि, ऐसे दलित जिन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया है उनसे दलित होने का अधिकार ना छीना जाए. अगर उन्होंने मुस्लिम या फिर इसाई धर्म अपना लिया है तो उन्हे वह सभी सुविधाएं और अधिकार मिलते रहने चाहिए जो उन्हे पहले मिलते थे. इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने के सवाल पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महमूद मदनी का कहना है कि पिछले लंबे समय से जमीयत इसकी मांग करती आई है. बावजूद इसके सरकारों ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की. इसलिए अब जमीयत अपनी इसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा रही है.

मौलाना महमूद मदनी द्वारा दायर याचिका में सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्रा आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग 2008 की रिपोर्ट को सबूत के तौर पर पेश किया गया है. याचिका में इस तथ्य का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस्लाम एक धर्म के रूप में सभी के दरमियान समानता की सीख देता है. याचिका में बताया गया है कि इस्लामी जीवन दर्शन में जाति व्यवस्था को मान्यता नहीं दी गई है, लेकिन इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता है कि भारत के मुसलमानों पर हिंदू समाज का प्रभाव है, इसलिए मुस्लिम समाज में भी जाति व्यवस्था और उस पर पड़ने वाले सामाजिक प्रभाव पाए जाते हैं. स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी मामला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में भारतीय मुसलमानों में जाति व्यवस्था को स्वीकार किया है.

साथ ही यह बात भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि 2008 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने दलित मुसलमानों और दलित ईसाईयों पर एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें यह लिखा है कि शहरी भारत में दलित
मुसलमानों की 47 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती है, जो कि हिंदू दलित और ईसाई दलित से कहीं अधिक है. इन परिस्थितियों में भेदभाव का यह रूप अनुचित है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 के विरुद्ध है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से यह याचिका एडवोकेट एमआर शमशाद ने दायर की है.
गौरतलब है कि बीते दिनों केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका के जवाब में दायर हलफनामा में कहा कि ईसाई और इस्लाम, दोनों ही विदेशी धर्म हैं, इसलिए वहां छुआछूत नहीं होती. लिहाजा धर्म परिवर्तन कर इस्लाम या ईसाई बनने वाले दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया जा सकता.

जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सभी धर्मों में दलितों के लिए अनुसूचित जाति का दर्जा देने का समर्थन किया था. लेकिन सरकार ने इसे खामी भरा बताया है. सरकार ने कहा कि ये रिपोर्ट बिना किसी क्षेत्रीय अध्ययन के बनाई गई थी, इसलिए जमीनी स्थिति पर इसकी पुष्टि नहीं होती. इतना ही नहीं, इस रिपोर्ट को बनाते समय ये भी ध्यान नहीं रखा गया कि पहले से सूचीबद्ध जातियों पर क्या असर होगा, इसलिए सरकार ने इस रिपोर्ट को नामंजूर कर दिया था.
संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
शिवसेना को महाविकास आघाडी से बाहर करने के लिए आरएसएस-भाज
ब्रिटेन सरकार की गोपनीय जांच में गुजरात दंगों के लिए मोद
देश के एक चौथाई स्कूलों में नहीं है पीने के पानी सुविधा, अ
नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ बोली- आरएसएस की विचारधारा के
भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बढ़ेगी मुश्किले, आश्वासन
पुरानी पेंशन बहाल करें अन्यथा कर्मचारियों की नाराजगी झे
8 साल पहले रेप के केसे में बीजेपी विधायक रामदुलार गौड़ के ख
धीरेंद्र शास्त्री पर प्रवचनों के जरिये अंधविश्वास को बढ़
बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में सरस्वती पूजा करने
ब्राझील में ईवीएम को लेकर सड़कों पर लाखों लोग, क्या भारत मे
तेलंगाना के खम्मम में दिखी विपक्ष दलों की गोलबंदी, मुख्य
एमपी, यूपी और छत्तीसगढ़ में 10 फीसद से ज्यादा लड़कियां नहीं ज
कर्नाटक में बीजेपी ने चला चुनावी दांव, बीपीएल परिवारों क
हाई स्कूल पास के लिये नौकरी, कतार में पीजी, बीए और बीएड से ल
बलात्कारी कुलदीप सिंह सेंगर को मिली पैरोल, पीडिता ने बता
जासूसी के आरोप में वित्त मंत्रालय का कर्मचारी गिरफ्तार,
भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह महिला पहलवानों का कर रहे यौ
रोहित वेमुला की पुण्यतिथि पर लखनऊ विवि. में छात्रों के दो
चुनाव जितने के लिए आर्मी पर हमला करवाती है भाजपा, बिहार के
पेंशन रिवीजन की मांग के लिए सड़कों पर उतरे बीएसएनएल के रिट
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper