×

मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नागरिकों की स्वतंत्रता में आई गिरावट, रिपोर्ट में दावा

Published On :    4 Mar 2021   By : MN Staff
साझा करें:

जब से केंद्र में पीएम मोदी के अगुवाई में भाजपा की सत्ता आई है तब से सरकार पर आरोप लग रहे हैं की यह सरकार जनता की अभिव्यक्ति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. अब यह आरोप सच साबित होते दिखाई दे रहे है.



नई दिल्ली : जब से केंद्र में पीएम मोदी के अगुवाई में भाजपा की सत्ता आई है तब से सरकार पर आरोप लग रहे हैं की यह सरकार जनता की अभिव्यक्ति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. अब यह आरोप सच साबित होते दिखाई दे रहे है. क्यांकि वॉशिंगटन के थिंकटैंक फ्रीडम हाउस की ताजा रिपोर्ट में नागरिकों की स्वतंत्रता के मामले में भारत को बड़ा झटका लगा है.


हाल ही में जारी रिपोर्ट ‘डेमोक्रेसी अंडर सीज’ में कहा गया है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत के लोगों की स्वतंत्रता में गिरावट दर्ज की गयी है. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हालत में बदलाव वैश्विक बदलाव का ही एक हिस्सा है. भारत सरकार की तरफ़ से रिपोर्ट को लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.


फ्रीडम हाउस की तरफ से कहा गया है कि 2014 के बाद से भारत में मानवाधिकार संगठनों पर दबाव काफी बढ़ गया है. राजद्रोह कानून और मुसलमानों पर हमलों का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि देश में नागरिक स्वतंत्रता के हालत में गिरावट देखी गयी है. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हाल के दिनों में भारत ने एक लोकतांत्रित लीडर के तौर पर काम करना छोड़ दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 के बाद से भारत की रैंकिग में काफी गिरावट आयी है.


दुनिया के 100 सबसे आजाद देशों के लिस्ट में भारत की रैंकिग 71 से घटकर 67 हो गयी है. जबकि 211 देशों की लिस्ट में भारत 83 से 88 वें पायदान पर पहुंच गया है. रिपोर्ट में इसके लिए हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जिम्मेदार बताया गया है.


रिपोर्ट में लॉकडाउन के बाद लाखों मजदूरों के घर लौटने का भी जिक्र किया गया. कहा गया है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व तैयारी के लॉकडाउन लगाया जिसके कारण पैदल लंबी यात्रा के कारण कई लोगों की मौत हो गयी.


भारत को मुक्त देश से अब आंशिक रूप से मुक्त देश की श्रेणी में रखा गया है. भारत अब इक्वाडोर और डोमिनिकन रिपब्लिक के बराबर है. फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन को सबसे अधिक मुक्त देश बताया गया है.
फ्रीडम रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 20 प्रतिशत लोग ही अब मुक्त देश में रहते हैं. यह आंकड़ा 1995 के बाद से सबसे कम है. तिब्बत और सीरिया को सबसे नीचे रखा गया है. भारत की रैंकिग 2016 से 2018 तक 77 रह गयी थी.


बता दें कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद सरकार या सरकारी नीतियों की आलोचना करने वालों पर ईडी या अन्य जांच लगा दी गई या उन पर देशद्रोही करार दिया गया या राजद्रोह का कानून लगा दिया गया. जब की भारत का सुप्रीम कोर्ट भी अपने फैसले में कह चुका है की सरकार की आलोचना करना देशद्रोह या राजद्रोह नहीं हैं. इसके बावजूद केंद्र या भाजपा की राज्य सरकारों ने कई लोगों पर ऐसे केसेस लगाये है.जो नागरिकों की बोलने की आजादी पर हमला है या जनता की बोलने की आजादी के अधिकारों का उल्लंघन हैं. यही वजह है की नागरिकों की स्वतंत्रता के हालत में गिरावट आई है और इस मामले में भारत 71 वे स्थान से खिसक कर 67 वे पायदान पर पहुंच गया है. जो भारत के लिए एक बड़ा झटका है.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
राफेल डील में दस लाख यूरो दलाली का आरोप : पीएम के खिलाफ केस
संकट में जोधपुर के किसान : 23 हजार से ज्यादा को नहीं मिला बि
जहां चुनाव है वहां कोरोना नहीं है और जहां किसान मीटिंग कर
मोदी सरकार की नीतियों की वजह से भारतीयों पर कहर बरपा रहा ह
मरकज बंद, जमाती दिख न रहे, फिर ये कम्बख्त कोरोना कहा से आया?
डॉलर के मुकाबले फिर रुपये में भारी गिरावट, 8 महीने के निचल
जनता और कोविड के बीच जंग
रिजवी को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की कुरान से आयतो
लखनऊ के डीएम बाले- कोरोना से लोग अब मर रहे सड़कों पर, अखिलेश
हाईकोट की गुजरात सरकार को लताड़, बोले- जब ऑक्सीजन और बेड पर
कूचबिहार हिंसा के साजिशकर्ता अमित शहा, ममता का गंभीर आरो
शिक्षकों में नाराजगी : आईआईएम कलकत्ता में शिक्षकों के सर
अमेरिकी दादागीरी से चमगादड़ जैसा हुआ मोदी सरकार का हाल, बी
कोविड वैक्सीन जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझ
मुस्लिमों के उत्पीड़न की वजह ध्रुवीकरण नहीं, उन्हें अपमान
चुनाव आयोग का नाम अब ‘मोदी कोड ऑफ कंडक्ट’ कर देना चाहिए
पंजाब में गेहूं खरीद को लेकर असमंजस : डीबीटी के विरोध में
किसानों की दोगुनी आय पर भाजपा पदाधिकारी ने दिया गोल मटोल
भाजपा विधायक का विवादित बयान बोले- ज्ञानवापी मस्जिद हटेग
केन्द्र को व्यापारियों का सुझाव : लॉकडाउन और कर्फ्यू के ब
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper