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चीफ जस्टिस बोबडे ने कमेटी के चयन का किया बचाव

Published On :    20 Jan 2021   By : MN Staff
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बोले-बदली जा सकती है राय



नई दिल्ली : केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन (मान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है. वहीं इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने मंगलवार को कहा कि पैनल के सदस्य कृषि कानूनों पर अपने विचार व्यक्त करते हैं, उनके चयन से पहले अयोग्यता के लिए कोई आधार नहीं है और उनकी राय बदल सकती है.


भारतीय किसान यूनियन (मान) के अध्यक्ष और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के अध्यक्ष भूपिंदर मान ने अपनी नियुक्ति के दो दिन बाद खुद को अदालत द्वारा नियुक्त पैनल से हटा लिया था. उन्होंने कहा था कि, मैं हमेशा अपने किसानों और पंजाब के साथ खड़ा रहूंगा. 


बिना किसी का नाम लिए सीजेआई ने कहा, कानून को समझने में कुछ भ्रम है. समिति का हिस्सा बनने से पहले एक व्यक्ति की एक राय हो सकती है लेकिन उसकी राय बदल सकती है. ऐसा कोई तरीका नहीं है कि ऐसा सदस्य किसी समिति का हिस्सा नहीं हो सकता है.



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उन्होंने कहा कि, सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति ने इस मामले पर अपने विचार व्यक्त किए हैं, तो वह समिति का सदस्य होने के लिए योग्य नहीं है. आम तौर पर एक समिति के गठन के बारे में समझ की कमी है. वे न्यायाधीश नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को तीन कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी, और एक चार सदस्यीय पैनल नियुक्त किया था. इसमें किसान नेता भूपिंदर सिंह मान, अनिल घनवट, एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट अशोक गुलाटी और प्रमोद जोशी शामिल किए गए थे. बाद में भूपिंदर सिंह ने गुरुवार को अपना नाम वापस ले लिया था.


भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने शीर्ष अदालत के समक्ष एक याचिका दायर की, जिसमें समिति को पुनर्गठित करने के लिए कहा गया था, क्योंकि मान ने स्वयं और अन्य सदस्यों अशोक गुलाटी, प्रमोद कुमार जोशी और अनिल घणावत ने इस कानून का समर्थन किया था. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की पहली बैठक शुरू हो गई. ये बैठक पूसा कैंपस में हो रही है. इस कमेटी के तीन सदस्य अशोक गुलाटी, अनिल घनवत और प्रमोद जोशी मीटिंग कर रहे हैं. मीटिंग के बाद कमेटी तय करेगी कि कब-कैसे किसानों से बातचीत आगे बढ़ाई जाए और समस्या का हल निकाला जाए.

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