×

भाजपा ने पीएलए से जुड़ी चीनी कंपनियों की चुनाव में मदद ली : कांग्रेस

Published On :    8 Aug 2020   By : MN Staff
साझा करें:

चुनाव आयोग को सौंपे भाजपा के खर्च से संबंधित दस्तावेज को किया जारी



नई दिल्ली : किसी भी लोकतांत्रिक देश में एक सत्ता पक्ष और दूसरा विपक्ष होता है. लेकिन, भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में विपक्ष पार्टियां नहीं है. भारत की जनता को लगता है कि अगर बीजेपी सत्ता में है तो कांग्रेस विपक्ष में है और कांग्रेस सत्ता में होती है तो बीजेपी विपक्ष में हो जाती है. परन्तु, दोनों ही एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं. 


दोनों पार्टियों के झंडे अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों के एजेंडे एक ही हैं. केवल जनता को गुमराह करने के लिए विपक्ष होने का दिखावा करते हैं. इसलिए दोनों पार्टियां एक दूसरे पर अरोप लगाती हैं. इसका ताजा उदाहरण सामने है कि कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में चीन की उन कंपनियों की मदद ली है जो सीधे तौर पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से जुड़ी हैं. 


पार्टी का कहना है कि घुसपैठ के बाद पिछले महीने कुछ कंपनियों पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि भाजपा को पहले ही पता था कि ये कंपनियां पीएलए से संबद्ध और देश की एकता संप्रभुता के लिए खतरा हैं. जबकि, एक दिन पहले ही सत्ताधारी पार्टी ने उस बात का उजागर किया था कि 2008 में कांग्रेस ने चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ समझौता किया था. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है. क्या इससे साबित नहीं होता है कि चीन के साथ न केवल कांग्रेस, बल्कि बीजेपी का भी अच्छा संबंध है? असल में सच्चाई यही है.


सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने पूछा कि क्या चीन की कंपनियों की वजह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब चीन का मामला आता है तो चुप्पी साध जाते हैं. जब बोलते भी हैं तो देश को गुमराह करते हुए गलत सूचना देते हैं कि ‘न कोई घुसा, न कोई घुसा हुआ है’ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को 2019 चुनाव से संबंधित जो खर्च का ब्यौरा सौंपा, उसे शुक्रवार को जारी किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हर क्षेत्र में चीनी निवेश के लिए दरवाजे खोल दिए हैं. 2019 के चुनाव में भाजपा ने चीन की सहायता ली. चीन की जिन कंपनियों का सीधा संबंध पीएलए से है, इसके बारे में सरकार ने अभी जुलाई में बताया. जबकि उन्हीं कंपनियों की सहायता से आपने चुनाव लड़ा.



यह भी पढ़े : दिल्ली में बेरोजगारी का आलम : जॉब पोर्टल पर दस दिनों में ही भर गए 10 लाख पद



बता दें कि खेड़ा ने चीन को लेकर पीएम की चुप्पी पर कहा कि चीन की कंपनी यूसी वेब मोबाइल जिस पर जुलाई में पाबंदी लगाई. इसी कंपनी की सेवाएं भाजपा ने ली. इसका उल्लेख खुद भाजपा ने आयोग को भेजे दस्तावेज में किया है. इसी कंपनी पर 2017 में भाजपा ही की सरकार ने भारत का डाटा चुराकर चीन भेजने का आरोप लगाया था. आखिर क्या मजबूरी थी कि उसी कंपनी को दो साल बाद 2019 में चुनाव में अपने प्रचार के लिए लाए. वहीं, दूसरी कंपनी गामा गाना लिमिटेड जो टेनसेंट से संबंधित है. इसके एक निदेशक पो शुऐंग हैं जो टेन सी इंडिया लिमिटेड के भी निदेशक हैं. जुलाई में मोदी सरकार ने सूचित किया कि अली बाबा और टेनसेंट चीन की पीएलए से सीधे-सीधे संबंधित हैं.



यह भी पढ़े : मरकज केस : नफरत फैलाने के आरोप पर केंद्र ने किया मीडिया का समर्थन



शेयरइट टेक्नोलॉजी पर भी यह कह पाबंदी लगाई गई कि कंपनी भारत की एकता एवं संप्रभुता के लिए खतरा है. वही कंपनी चुनाव में भाजपा की पार्टनर बनकर चुनाव पर प्रभाव डालती है. उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से यह जानना चाहते हैं कि ऐसी कंपनी को भारतीय चुनाव जैसे संवेदनशील काम में क्यों इस्तेमाल किया गया. कुल मिलाकर देश में केवल चीन के खिलाफ केवल बयानबाजी की जा रही है, असल में कांग्रेस-बीजेपी का चीन से गहरा रिश्ता रहा है.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
केंद्र सरकार ने जीएसटी फंड का अन्य चिजों के लिए इस्तेमाल
पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने वर्दी को बदनाम कर तोड़े
किसानों द्वारा बुलाया ‘भारत बंद’ को बामसेफ, भारत मुक्ती
परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में नाम आने पर बीजेपी नेता
कोरोना महामारी के बिच बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान
मैं भारत की डेमोक्रेसी को लार्जेस्ट डेमोक्रेसी इन द वर्ल
ईसाई धर्मावलंबियों के घरों में तोडफ़ोड़ से तनाव, पुलिस बल त
पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत देशभर में कृषि बिल के खिलाफ किसा
लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार हुई दुनिया
कंपनियों की राह आसान करने वाले श्रम कानून राज्यसभा में भ
असम बोर्ड ने सिलेबस से हटाए मंडल आयोग, अयोध्या, गुजरात और
एमएसपी से कम पर खरीद को अपराध बनाए, जेडीयू की मांग
मोदी तेरी गंगा मैली...
इजराइली कंपनी के साथ एक समझौता करने में लग गए 15 साल : कैग
2021 की जनगणना कॉलम में आदिवासियों के लिए सरना धर्म का हो उल
दाढ़ी और टोपी के कारण गेस्टहाउस से मुसलमानों को जबरन निका
बिहार विधानसभा चुनाव में ऑनलाइन फर्जी बनाए जा रहे मतदाता
किसानों पर चौतरफा मार
कपिल मिश्रा के ख़लिफ़ दो शिकायतें करने पर भी अब तक कोई एफ़आ
केंद्र सरकार ने गेहू के समर्थन मूल्य में बढ़ाए सिर्फ 50 रूप
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper