×

देश में जब तक ईवीएम है तब तक ईमानदारी से चुनाव संभव नहीं है : वामन मेश्राम

Published On :    9 Jul 2020   By : MN Staff
साझा करें:

देश में जब तक ईवीएम से चुनाव होगा है तब तक ईमानदारी से चुनाव संभव नहीं हो सकता है. यह बात बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम ने एमएन टीवी पर एक खास चर्चा के दौरान कही है. वामन मेश्राम का यह बयान उस वक्त आया है जब मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि जब तक ईवीएम है नरेंद्र मोदी की मोर्चाबंदी करना संभव नहीं है.



‘‘हमने ईवीएम के खिलाफ जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक ईवीएम भंडाफोड़ परिवर्तन यात्रा निकाली थी. यह परिवर्तन यात्रा 6 महीने तक चलने वाला था. अगर कोरोना वायरस नहीं आया होता तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक का ईवीएम भंडाफोड़ परिवर्तन यात्रा पूरी हो गई होती. मगर कोरोना वायरस की वजह से हमारा आंदोलन केरला और तमिलनाडु 2 राज्यों में बचा हुआ है. जैसे ही कोरोना वायरस का मामला खत्म होता है वैसे ही हम लोग केरला और तमिलनाडु में कन्याकुमारी तक का अधूरा आंदोलन फिर दोबारा शुरू करेंगे. इसके बाद एक और बड़ा आंदोलन शुरू करने के बारे में प्लान बना रहे हैं. क्योंकि, लोकतंत्र को बचाए बगैर समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है.’’

पुणे : देश में जब तक ईवीएम से चुनाव होगा है तब तक ईमानदारी से चुनाव संभव नहीं हो सकता है. यह बात बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम ने एमएन टीवी पर एक खास चर्चा के दौरान कही है. वामन मेश्राम का यह बयान उस वक्त आया है जब मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि जब तक ईवीएम है नरेंद्र मोदी की मोर्चाबंदी करना संभव नहीं है. अगर मोदी में हिम्मत है तो बैलट पेपर से चुनाव करके दिखाएं. इस पर वामन मेश्राम ने कहा कि यह बात सही है कि जब तक ईवीएम रहेगी ईमानदारी से चुनाव नहीं होगा और जनता जिनको चुनना चाहती है वह चुनकर नहीं आ सकते हैं तो फिर बीजेपी की मोर्चाबंदी कैसे होगी.


वामन मेश्राम ने 2004 और 2009 में ईवीएम मशीन के माध्यम से चुनाव हुआ दोनों बार कांग्रेस की सरकार बनी. कांग्रेस के लोग अगर चाहते तो 2014 के चुनाव में बैलेट पेपर का चुनाव हो सकता था. जबकि बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का नियंत्रण कांग्रेस के ही हाथों में था. मगर कांग्रेस ने वह काम नहीं किया और अब दिग्विजय सिंह के माध्यम से यह कहां जा रहा है कि नरेंद्र मोदी अब तक ईवीएम मशीन से है. आगे वामन मेश्राम ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा जब आप लोगों (कांग्रेस) को 2014 में बैलेट पेपर से चुनाव करने का मौका था तब बैलेट पेपर से चुनाव करवाने के बजाए आप लोगों ने बीजेपी और आरएसएस के साथ 2014 और 2019 के चुनाव में समझौता किया. उस समय ज्यादा विरोध होने के बावजूद भी कांग्रेस ने बैलट पेपर नहीं लाई. कांग्रेस के भी बहुत सारे नेताओं ने इसके विरोध में आवाज उठाई थी फिर भी कांग्रेस ने उनकी बात को नहीं माना.


वामन मेश्राम ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2013 को यह जजमेंट दिया कि केवल ईवीएम मशीन के द्वारा फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव नहीं हो सकता है. फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव के लिए पेपर ट्रेल मशीन लगाने का आदेश दिया. पेपर ट्रेल मशीन लगाने का आदेश देने के बावजूद भी 2014 में कांग्रेस ने पेपर ट्रेल मशीन नहीं लगाया. उन्होंने कहा 2014 के चुनाव में फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव ना हो इसके लिए इलेक्शन कंडक्टिंग रूल 56डी, 56सी में चेंज किया और बीजेपी को चुनाव जिताने के लिए अनुकूल माहौल बनाया. इतना ही नहीं डॉक्यूमेंट्री सबूतां के आधार पर यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस के ईवीएम घोटाले के सबूत जो बीजेपी, आरएसएस के लोगों ने पकड़े थे उसकी वजह से बीजेपी और आरएसएस के लोगों को चुप कराने के लिए कांग्रेस ने यह समझौता किया था.



यह भी पढ़े : मोबाईल में फेसबुक-इंस्टाग्राम मिलने पर सख्त कारवाई



वामन मेश्राम ने कहा 2019 के चुनाव में हमारी केस सुप्रीम कोर्ट में थी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में फरवरी 2019 को जब मार्च में चुनाव होने वाला है तो फरवरी में केस डाला और फरवरी में केस डालकर कांग्रेस ने बीजेपी की मदद करने की कोशिश की. सुप्रीम कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2013 को पेपर ट्रेल मशीन लगाकर चुनाव करवाने का आदेश दिया था और उस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था यदि कैंडिडेट को ईवीएम मशीन में कोई गड़बड़ी की आशंका है तो पेपर ट्रेल से निकलने वाले कागजी मतपत्रों की गिनती की मांग का अधिकार होगा. इसका मतलब है कि 100 परसेंट रिकाउंटिंग करने का आदेश पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. लेकिन कांग्रेस ने इसके विरोध में फरवरी 2019 में केस डालकर 50 प्रतिशत मैच करने की डिमांड की. जबकि, 100 प्रतिशत की रिकाउंटिंग की बात 8 अक्टूबर 2013 में ही हो गई थी.


उन्होंने कहा 100 प्रतिशत जगह पर फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव होने वाला था. लेकिन, फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव में बीजेपी का नुकसान ना हो इसके लिए कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी के द्वारा केस दायर कर फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव के लिए रोक लगा दी. इतना ही नहीं 2019 में लोकसभा का चुनाव होने वाला था उस वक्त कांग्रेस के लोगों ने ईवीएम के बारे में हंगामा खड़ा करना शुरू कर दिया. 2018 दिसंबर में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में जब विधानसभा चुनाव होने वाले थे उस समय भी कांग्रेस ने हंगामा खड़ा कर दिया था.



यह भी पढ़े : कुख्यात अपराधी विकास दुबे गिरफ्तार या सरेंडर? पुलिस की कहानी में नजर आ रहा झोल



वामन मेश्राम ने कहा इंदिरा गांधी के समय में कांग्रेस ने ही पहल करके ईवीएम मशीन लाकर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया. इसके सारे डाटा और सारे सबूत हमारे पास है और यही सबूत लेकर मैं सुप्रीम कोर्ट गया था. 24 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने 100 प्रतिशत पेपर ट्रेल मशीन लगाने का आदेश मेरे केस में दिया था. यह बात मैं दिग्विजय सिंह को बताना चाहता हूं कि अगर वे चाहते हैं कि देश में फ्री, फेयर एंड ट्रांसपरेंट चुनाव होना चाहिए तो वे ईवीएम के खिलाफ सारे देशभर में काम शुरू करें इसके लिए हम संगठन शक्ति के साथ उनको सहयोग देने के लिए तैयार है. 


उन्होंने यह भी कहा कि ईवीएम का मुद्दा छेड़ने का दिग्विजय सिंह का एक और मकसद हो सकता है कि चुनाव में अकेले बीजेपी 100 प्रतिशत ना जीते. इसलिए कांग्रेस-बीजेपी के बीच फिफ्टी-फिफ्टी सौदेबाजी के लिए शायद दिग्विजय सिंह यह बयानबाजी कर रहे हों. मैं दिग्विजय सिंह को सारे देशभर में इसके विरोध में आंदोलन करने के लिए कह रहा हूँ और साथ देने के लिए भी तैयार हूँ. मगर नहीं लगता है कि वह इस ऑफर को स्वीकार करेंगे. क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया तो दिल्ली में कांग्रेस वाले उनको निकाल देंगे. 

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
केवल जुमला न साबित हो नई शिक्षा नीति, इसमें किए गए दावें प
बैंकों का विलय नहीं करेंगे, सीधा बैंक ही बेच देंगे...
न कोई नेता या मंत्री, न कोई अफसर देखने आया, न कोई मदद मिली
पांच दौर की बात के बाद भी चीनी सैनिक हटने को नहीं तैयार
नागरिकता कानून के नियम बनाने के लिए तीन महीने का दे और समय
आदिवासी महिला के साथ रेप के आरोप में सीआरपीएफ के 3 कर्मी न
भाजप नेता और साथियों ने मिलकर कई महीने तक किया बलात्कार, प
जुमला साबित हुआ कौशल आधारित रोजगार योजना
मेडिकल, ज़रूरी सेवाओं से वंचित लोग सीधे अदालत से संपर्क कर
दक्षिण भारत में फंसी केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति
राम मंदिर निर्माण नहीं, आरएसएस मकसद दिल्ली की सत्ता पाना
लंबे लॉकडाउन से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का बुरा हाल
नई शिक्षा नीति के तहत लड़कियों की स्कूल वापसी करा पाना मुश
जांच जारी होने के बावजूद चुनाव से पहले बलदेव सिंह को बनाय
देश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था
पीएम मोदी के क्षेत्र वाराणसी में बंद होने के कगार पर अंध व
विदेश मंत्री जयशंकर बोले- चीन का मुकाबला करने के लिये तैय
क्या राफेल में बेरोज़गारी और आर्थिक संकट खत्म करने की क्
बाबरी विध्वंस से पहले ही राव अयोध्या में निर्माण कराना च
कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्षता का नकाब हटा
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper